Class 9 Hindi · Chapter 11 Notesझाँसी की रानी

Class 9 Hindi Chapter Notes: झाँसी की रानी. Learn about the historical background, life, and struggles of Rani Lakshmibai, the language style, and poetic beauty of the…

4 topics5 sample MCQs5 practice questions
Chapter contents

Chapter summary

झाँसी की रानी सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रसिद्ध कविता है जो 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की वीरता और बलिदान का वर्णन करती है। इस अध्याय में रानी लक्ष्मीबाई के जीवन, उनके संघर्ष और उनके वीरतापूर्ण कार्यों का वर्णन किया गया है। यह कविता राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना को प्रेरित करती है। अध्याय के माध्यम से हम जानेंगे कि कैसे रानी लक्ष्मीबाई ने अपने जीवन को देश के लिए समर्पित किया और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

What you'll learn

1झाँसी की रानी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और रानी लक्ष्मीबाई के जीवन का परिचय प्राप्त करें
2रानी लक्ष्मीबाई के संघर्ष और उनके जीवन में महत्वपूर्ण घटनाओं को समझें
3कविता की भाषा शैली और काव्य सौंदर्य का विश्लेषण करें
4राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना को पहचानें
5कविता में प्रयुक्त महत्वपूर्ण पदों और उनके अर्थों को समझें
6रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और उनके योगदान को समझें
7कविता में प्रयुक्त मुहावरों और अलंकारों को पहचानें
8कविता के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के महत्व को समझें

Chapter at a glance

01झाँसी की रानी: परिचय और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
02रानी लक्ष्मीबाई का जीवन और संघर्ष
03राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना
04महत्वपूर्ण पद और उनके अर्थ

Detailed chapter notes

01

झाँसी की रानी: परिचय और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

झाँसी की रानी सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता है जो 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का वर्णन करती है। इस कविता में रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और उनके संघर्ष का वर्णन किया गया है। रानी लक्ष्मीबाई झाँसी की रानी थीं और उन्होंने अपने जीवन को देश के लिए समर्पित किया। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रसिद्ध कविता
  • 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का वर्णन
  • रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और संघर्ष का वर्णन
02

रानी लक्ष्मीबाई का जीवन और संघर्ष

रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर 1835 को वराणसी में हुआ था। उनके पिता का नाम मोरोपंत तांबे और माता का नाम भागीरथी बाई था। उन्होंने छोटी उम्र से ही घुड़सवारी, तलवारबाजी और शस्त्रों का प्रशिक्षण लिया। उन्होंने 1854 में गंगाधर राव के साथ विवाह किया और झाँसी की रानी बनीं। उनके पति की मृत्यु के बाद, अंग्रेजों ने झाँसी को अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन रानी लक्ष्मीबाई ने इसे स्वीकार नहीं किया और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।

  • रानी लक्ष्मीबाई का जन्म और परिवार
  • घुड़सवारी, तलवारबाजी और शस्त्रों का प्रशिक्षण
  • गंगाधर राव के साथ विवाह और झाँसी की रानी बनना
  • अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष और स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका
03

कविता की भाषा शैली और काव्य सौंदर्य

कविता की भाषा सरल और सहज है, लेकिन इसमें भावना और भावुकता का पुट है। कवि ने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और संघर्ष को बहुत ही सुंदर और प्रभावशाली ढंग से वर्णित किया है। कविता में कई मुहावरें और अलंकारों का प्रयोग किया गया है जो कविता को और भी आकर्षक बनाते हैं।

  • सरल और सहज भाषा
  • भावना और भावुकता का पुट
  • मुहावरों और अलंकारों का प्रयोग
04

राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना

कविता में राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना को बहुत ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है। रानी लक्ष्मीबाई ने अपने जीवन को देश के लिए समर्पित किया और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी वीरता और बलिदान को याद करते हुए, कवि ने राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना को प्रेरित किया है।

  • राष्ट्रीयता की भावना
  • बलिदान की भावना
  • रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और बलिदान
05

महत्वपूर्ण पद और उनके अर्थ

कविता में कई महत्वपूर्ण पदों का प्रयोग किया गया है जिनका अर्थ समझना आवश्यक है। जैसे, 'छबीली' का अर्थ है तेजस्वी, 'बरछी' का अर्थ है तलवार, 'गराथराएँ' का अर्थ है कथाएँ, 'अवतार' का अर्थ है उतरना, 'नरनर' का अर्थ है बहुत, 'दगद' का अर्थ है गढ़, 'सभु' का अर्थ है रणकुशल योद्धा, 'भवरुदावभल' का अर्थ है यशोग्रंथ, 'भवभध' का अर्थ है व्यवस्था, 'भबरानी' का अर्थ है परायरा, 'भवस्रात' का अर्थ है विप्लव, 'बेजरार' का अर्थ है दुखी, 'सन्मुख' का अर्थ है सामने, 'कृतज्ञ' का अर्थ है उपकार मानने वाला, 'अभवनाशी' का अर्थ है नाश करने वाला, 'मदमराती' का अर्थ है मस्त, 'स्मारक' का अर्थ है स्मृति के लिए बनाया गया संस्थान, 'आभाद' का अर्थ है युद्ध, 'यराद' का अर्थ है याद, 'भदलाने' का अर्थ है बदलने।

  • छबीली - तेजस्वी
  • बरछी - तलवार
  • गराथराएँ - कथाएँ
  • अवतार - उतरना
  • नरनर - बहुत
  • दगद - गढ़
  • सभु - रणकुशल योद्धा
  • भवरुदावभल - यशोग्रंथ
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Quick revision: key points

  • झाँसी की रानी सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता है जो 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का वर्णन करती है।
  • रानी लक्ष्मीबाई झाँसी की रानी थीं और उन्होंने अपने जीवन को देश के लिए समर्पित किया।
  • रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • कविता की भाषा सरल और सहज है, लेकिन इसमें भावना और भावुकता का पुट है।
  • कविता में राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना को बहुत ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
  • कविता में कई महत्वपूर्ण पदों का प्रयोग किया गया है जिनका अर्थ समझना आवश्यक है।
  • रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और बलिदान को याद करते हुए, कवि ने राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना को प्रेरित किया है।
  • कविता में मुहावरों और अलंकारों का प्रयोग किया गया है जो कविता को और भी आकर्षक बनाते हैं।

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Question 01

कविता 'झाँसी की रानी' की पृष्ठभूमि किस ऐतिहासिक घटना पर आधारित है?

  • A1857 का स्वतंत्रता संग्राम
  • Bअसहयोग आंदोलन
  • Cभारत छोड़ो आंदोलन
  • Dसविनय अवज्ञा आंदोलन
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Answer: (A) 1857 का स्वतंत्रता संग्राम

कविता की भूमिका में स्पष्ट कहा गया है कि यह कविता 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि पर लिखी गई है।

Question 02

कविता के अनुसार, रानी लक्ष्मीबाई का बचपन किसके साथ बीता?

  • Aअपनी सहेलियों के साथ
  • Bनाना के साथ
  • Cअपने भाइयों के साथ
  • Dअकेले
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Answer: (B) नाना के साथ

कविता में कहा गया है, 'नाना के सँग पढ़ती थी वह, नाना के सँग खेलती थी'।

Question 03

कविता में 'बंदुले े हरबोलों के महँु' पंक्ति का प्रयोग किस रूप में हुआ है?

  • Aकेवल एक बार
  • Bप्रत्येक अंतरे के बाद
  • Cकेवल आरंभ में
  • Dकेवल अंत में
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Answer: (B) प्रत्येक अंतरे के बाद

यह पंक्ति प्रत्येक अंतरे के बाद दोहराई गई है, जो इसे एक प्रकार का ध्रुवपद या टेक बनाती है, जिससे कविता में लय और संगीतात्मकता आती है।

Question 04

कविता 'झाँसी की रानी' में 'बढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी' पंक्ति का क्या अर्थ है?

  • Aभारत में नई पीढ़ी का जन्म हुआ
  • Bदेश में नई चेतना और स्वतंत्रता की भावना जागी
  • Cभारत में नई फसल उगी
  • Dभारत में नई सरकार बनी
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Answer: (B) देश में नई चेतना और स्वतंत्रता की भावना जागी

यह पंक्ति 1857 के संदर्भ में देश में जागृत राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता की नई भावना को व्यक्त करती है।

Question 05

कविता में 'बिजली' शब्द का प्रयोग किसके लिए हुआ है?

  • Aबिजली की चमक
  • Bअंग्रेज़
  • Cतलवार
  • Dरानी की वीरता
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Answer: (B) अंग्रेज़

कविता में 'बिजली' शब्द का प्रयोग अंग्रेज़ों के लिए हुआ है, जैसा कि 'दूर बिजली को करने की सबने मन में ठानी थी' पंक्ति में स्पष्ट है।

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Sample questions and answers

Sample question3 marks

Q1. कविता 'झाँसी की रानी' की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालिए।

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यह कविता 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि पर लिखी गई है। यह संग्राम भारतीय स्वतंत्रता का अविस्मरणीय अध्याय है। कविता रानी लक्ष्मीबाई के जीवन-वृत्त, उनके संघर्ष और विद्रोह से ओत-प्रोत है। यह वीरता, उत्साह और देश प्रेम की भावना से भरी हुई है तथा पाठकों में जोश और साहस का संचार करती है।

Sample question3 marks

Q2. कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई का बचपन अन्य बच्चों से किस प्रकार भिन्न था? उनके प्रिय खेल कौन-कौन से थे?

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लक्ष्मीबाई का बचपन अन्य बच्चों से इसलिए भिन्न था क्योंकि वह नाना के साथ पढ़ती और खेलती थीं। उनके प्रिय खेल बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी जैसे शस्त्र चलाना थे। वह वीर शिवाजी की गाथाएँ याद करती थीं। उन्होंने नकली युद्ध, व्यूह की रचना और खेलना भी सीखा।

Sample question3 marks

Q3. कविता 'झाँसी की रानी' की भाषा-शैली की दो विशेषताएँ बताइए और उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

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Model answer

कविता की भाषा सरल, सहज और प्रवाहमयी है। इसमें ब्रजभाषा और खड़ी बोली का मिश्रण है, जैसे 'बढ़ूे भारत में भी आई भिर से नई जवानी थी'। शैली कथात्मक है, जिसमें घटनाओं का क्रमबद्ध वर्णन है, जैसे रानी के बचपन से वीरगति तक की कथा। भाषा में ओज और वीर रस की प्रधानता है।

Sample question3 marks

Q4. कविता 'झाँसी की रानी' में रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को 'स्वतंत्रता-महायज्ञ' कहा गया है। इस संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि कवयित्री ने रानी के बलिदान को राष्ट्रीयता की भावना से किस प्रकार जोड़ा है?

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Model answer

कवयित्री ने रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को 'स्वतंत्रता-महायज्ञ' कहकर उसे राष्ट्रीयता की भावना से जोड़ा है। यह महायज्ञ 1857 के संग्राम का प्रतीक है, जिसमें रानी ने अपने प्राणों की आहुति दी। कविता में कहा गया है कि रानी 'हमको जीवित करने आई बन स्वतंत्रता नारी' थीं, अर्थात उनका बलिदान देश की स्वतंत्रता के लिए था। उन्होंने अपने स्वार्थ का त्याग कर देशहित को सर्वोपरि रखा, जो सच्ची राष्ट्रीयता है। कवयित्री कहती हैं कि यह बलिदान 'जगावेगा स्वतंत्रता अविनाशी', यानी उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देगा।

Sample question3 marks

Q5. 'बरछी, ढाल, कृपाण, किरारी उसकी यही सहेली थी' – इस पंक्ति में प्रयुक्त 'बरछी' और 'ढाल' शब्दों के अर्थ स्पष्ट कीजिए।

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इस पंक्ति में 'बरछी' का अर्थ है छोटा भाला, जो युद्ध में प्रयोग होने वाला एक हथियार है। 'ढाल' का अर्थ है लोहे का बना वह साधन जो तलवार, भाले आदि के आघात को रोकने के लिए कछुए की पीठ की तरह उभरा होता है। ये शब्द रानी लक्ष्मीबाई के बचपन के खेलों को दर्शाते हैं, जिससे पता चलता है कि वे बचपन से ही युद्ध कला में निपुण थीं।

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Frequently asked questions

झाँसी की रानी सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता का मुख्य विषय क्या है?

झाँसी की रानी सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता का मुख्य विषय 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और संघर्ष का वर्णन है।

रानी लक्ष्मीबाई ने अपने जीवन में किस तरह का योगदान दिया?

रानी लक्ष्मीबाई ने अपने जीवन को देश के लिए समर्पित किया और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपनी वीरता और बलिदान के लिए प्रसिद्ध हैं।

कविता की भाषा शैली और काव्य सौंदर्य का वर्णन करें।

कविता की भाषा सरल और सहज है, लेकिन इसमें भावना और भावुकता का पुट है। कवि ने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और संघर्ष को बहुत ही सुंदर और प्रभावशाली ढंग से वर्णित किया है। कविता में मुहावरों और अलंकारों का प्रयोग किया गया है जो कविता को और भी आकर्षक बनाते हैं।

कविता में राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना का वर्णन कैसे किया गया है?

कविता में राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना को बहुत ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है। रानी लक्ष्मीबाई ने अपने जीवन को देश के लिए समर्पित किया और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी वीरता और बलिदान को याद करते हुए, कवि ने राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना को प्रेरित किया है।

कविता में प्रयुक्त कुछ महत्वपूर्ण पदों और उनके अर्थों का वर्णन करें।

कविता में कई महत्वपूर्ण पदों का प्रयोग किया गया है जिनका अर्थ समझना आवश्यक है। जैसे, 'छबीली' का अर्थ है तेजस्वी, 'बरछी' का अर्थ है तलवार, 'गराथराएँ' का अर्थ है कथाएँ, 'अवतार' का अर्थ है उतरना, 'नरनर' का अर्थ है बहुत, 'दगद' का अर्थ है गढ़, 'सभु' का अर्थ है रणकुशल योद्धा, 'भवरुदावभल' का अर्थ है यशोग्रंथ, 'भवभध' का अर्थ है व्यवस्था, 'भबरानी' का अर्थ है परायरा, 'भवस्रात' का अर्थ है विप्लव, 'बेजरार' का अर्थ है दुखी, 'सन्मुख' का अर्थ है सामने, 'कृतज्ञ' का अर्थ है उपकार मानने वाला, 'अभवनाशी' का अर्थ है नाश करने वाला, 'मदमराती' का अर्थ है मस्त, 'स्मारक' का अर्थ है स्मृति के लिए बनाया गया संस्थान, 'आभाद' का अर्थ है युद्ध, 'यराद' का अर्थ है याद, 'भदलाने' का अर्थ है बदलने।

रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और बलिदान का वर्णन करें।

रानी लक्ष्मीबाई ने अपने जीवन को देश के लिए समर्पित किया और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपनी वीरता और बलिदान के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी वीरता और बलिदान को याद करते हुए, कवि ने राष्ट्रीयता और बलिदान की भावना को प्रेरित किया है।

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